महिलाओं में शुगर के लक्षण | Mahilaon Mein Sugar ke Lakshan

महिलाओं में शुगर के लक्षण – डायबिटीज शुरू होने के कई लक्षण शुरू में दिखने लगते हैं। तरह तरह की हल्की मोटी शारीरिक समस्याओं से व्यक्ति हमेशा परेशान होना शुरू हो जाता है, परन्तु वह छोटी छोटी शारीरिक समस्याओं को नजरअंदाज करने लगता है और उसे शुगर की बीमारी के लक्षण दिखाई देते हैं

ब्लड शुगर का सामान्य स्तर कितना है ?

यूएस सीडीसी (Centers for Disease Control and Prevention) के अनुसार

  1. भोजन से पहले ब्लड शुगर 80-130 mg/dL होना चाहिए।
  2. भोजन के दो घंटे बाद – 180 mg/dL से कम होना चाहिए।

महिलाओं में डायबिटीज के महत्वपूर्ण लक्षणCDC कहता है कि आपकी उम्र के हिसाब से किसी भी स्वास्थ्य समस्या और अन्य कारकों के आधार पर ब्लड शुगर के लक्षणों में अंतर हो सकता है। इसलिए अपने डॉक्टर से पूछें कि आपकी स्थिति में कौन से लक्षण बेहतर माने जाएंगे।

शरीर में शुगर बढ़ने के क्या लक्षण होते हैं?

महिलाओं में शुगर के लक्षण – डायबिटीज शुरू होने के कई लक्षण आरम्भ में दिखने लगते हैं। तरह तरह की हल्की मोटी शारीरिक समस्याओं से व्यक्ति परेशान होना हो जाता है, परन्तु यह छोटी छोटी शारीरिक समस्याओं को नजरअंदाज करने लगते है और शुगर डायबिटीज बीमारी के लक्षण दिखाई देना आरंभ हो जाता है।

जिससे तरह तरह की बीमारियों शरीर में घर बना लेती है। और शरीर के अन्य अंग जैसे की किडनी, आंखें, दिमाग, शरीर में झनझनाहट, घुटने दर्द, सयंम की कमी, चिड़चिडापन, यूरिया का बढ जाना कई तरह की घातक समस्याऐं को धीरे धीरे शुरुआत होती है।

हम आपको डायबिटीज के लक्षण विस्तार से बताएंगे जिससे व्यक्ति आसानी से शुरूआत में ही पता लगा सकता है और डायबिटीज होने से बच सकता है। यदि यह व्यक्ति में लगभग 6-8 लक्षण मौजूद हैं तो शुगर पहचानने में देरी न करें। तुरन्त अपने डाॅक्टर की सलाह लें और शुगर होने से छुटकारा पायें और स्वस्थ जीवन बिताएं। Mahilaon Mein Sugar ke Lakshan

महिलाओं में शुगर के महत्वपूर्ण लक्षण


वजन अनियंत्रित-

डायबिटीज शुगर के शुरुआती लक्षण में व्यक्ति का वजन अचानक से घटने लगता है या फिर वजन तेजी से बढने लगता है। एक परीक्षण में पाया गया है कि शुगर का पहला लक्षण है वजन अचानक घटना बढना है। इस तरह की समस्या को नजरअंदाज न करें। समय समय पर शरीर का वजन को जांचते रहना चाहिए। अगर वजन में ज्यादा फर्क हो ता तुरन्त अपने डाॅक्टर से सलाह लें।

तेज भूख लगने

व्यक्ति को तेज भूख लगना, खाना खाने के तुरन्त बाद फिर तेज खाने की इच्छा होना आदि भूख से सम्बन्धित समस्याऐं डायबिटीज के शुरूआती लक्षण है। इसलिए भूख का नियत्रंण से बाहर होने पर तुरन्त डॉक्टर की सलाह लें।

बार बार पेशाब आना-

डायबिटीज के शुरूआत में व्यक्ति के शरीर का यूरिन मात्रा अत्यधिक बढ़ जाता है। यूरिन 6 प्रतिशत से 11 प्रतिशत बढ़ जाता है। बढ़ा यूरिन यानिकि डायबिटीज होने का मुख्य लक्षण है। व्यक्ति बार बार पेशाब जाता है। बार बार पेशाब की समस्या और यूरिन टेस्ट कराने पर बढ़ने पर तुरन्त उपचार करें।

यूरिन किड़नी को सीधी प्रभावित करता है। ज्यादा देर तक पेशाब को रोकने से किड़नी का कार्यभार बढ़ता है। किड़नी शरीर का मुख्य अंग है जो फिल्टर का काम करती है। यूरिन बढना नुकसानदेय है।

तेज प्यास लगाना-

डायबिटीज के शुरूआती लक्षण मैं प्यास बार बार लगना से भी पाया गया है। शरीर में यूरिन बढ़ने पर व्यक्ति को बार बार प्यास लगती है। और फिर पेशाब आता है। 1-3 घण्टे के अन्तराल में बाथरूम आना जाना लगा रहता है।

शरीर में झुनझुनहाट-

व्यक्ति को शरीर के अंगों हाथों, कन्धे, जोडों, गर्दन में झुनझुनहाट महसूस होनी शुरू हो जाती है। इस तरह के शरीरिक लक्षण डायबिटीज के संकेत हैं। ऐसे में तुरन्त चिकित्सक से सलाह लें।

फोडे-फुंसी समस्या-

शुगर लेवल बढ़ने पर फोडे-फुंसी समस्या अक्सर शुरू हो जाती है। या फिर शरीर पर चोट लगने कटने इत्यादि पर घाव देर तक भरता नहीं है।

आंखें कमजोर होना-

आंखों का कमजोर होना, सामने धुंधलापन होना, दूर की नजर साफ नजर नहीं आना, अचानक आंखों में अन्धेरा छाना, इस तरह की समस्याऐं डायबिटीज शुगर का कारण होता है।

सुनने की समस्या-

डायबिटीज शुगर का संकेत कान से भी होता है। ऐसे में व्यक्ति के कानों के सेल्स डैमेज हो जाते हैं और सुनने में असर पड़ता है। कानों के अन्दर झन झन की हल्की आवाज महशूस होने लगती है। व्यक्ति को बिना वजह कभी कभी सुनाई देता है। जोकि डायबिटीज के संकेत हैं।

चोट घाव ठीक न होना-

डायबिटीज के शुरूआती लक्षण में व्यक्ति के शरीर में लगी चोट, ठोकर घाव, चटने पर शीध्र ठीक नहीं होते। व्यक्ति चोट घाव से लम्बे समय तक ग्रस्त रहता है। ठीक होने में ज्यादा समय लगता है।

शरीर रोग ग्रस्त होना-

डायबिटीज के लक्षणों को नजरअंदाज करने पर शरीर में कई तरह की समस्यऐं उत्पन हो जाती है। जो किड़नी, फेफडे, गैस, पाचन को नुकसान करती है। इसलिए शुगर को नजरअंदाज न करें। और अपने डाॅक्टर से सलाह लें।

इस तरह के लगभग 6-8 लक्षण यदि व्यक्ति में दिखने शुरू हो जायें तो ये डायबिटीज शुगर होने के संकेत हैं, तुरन्त अपने डाॅक्टर से सलाह लें। और शुगर होने से बचें।

त्वचा डार्क स्पाॅट-

डायबिटीज के शुरूआत में व्यक्ति की त्वचा जैसे गर्दन की पिछले भाग, घुटनों पर, कोहनियां, हथेली के पीछे हिस्से आदि पर डार्क पैचेस बढ़ जाते हैं। कालापन साफ दिखने लगता है। व्यक्ति का शुगर लेवल बढ़ने पर त्वचा के इस तरह के लक्षण दिखने लगते हैं।

गर्भावधि शुगर के लक्षण –

गर्भावस्था के दौरान उच्च रक्त शर्करा के आमतौर पर कोई लक्षण नहीं होते हैं। आपको सामान्य से थोड़ी प्यास लग सकती है या आपको अधिक बार पेशाब करना पड़ सकता है।

टाइप 1 डायबिटीज के लक्षण

Mahilaon Mein Sugar ke Lakshan – आप नोटिस कर सकते हैं:

अनियोजित वजन घटाने – यदि आपका शरीर आपके भोजन से ऊर्जा प्राप्त नहीं कर सकता है, तो यह ऊर्जा के लिए मांसपेशियों और वसा को जलाने लगेगा। आप अपना वजन कम कर सकते हैं, भले ही आपने अपने खाने का तरीका नहीं बदला हो।

मतली और उल्टी– जब आपका शरीर वसा जलाने का सहारा लेता है, तो यह कीटोन्स बनाता है। ये आपके रक्त में खतरनाक स्तर तक जमा कर सकते हैं, एक संभावित जीवन-धमकी वाली स्थिति जिसे डायबिटिक कीटोएसिडोसिस कहा जाता है। केटोन्स आपको अपने पेट में बीमार महसूस करा सकते हैं।

डायबिटीज की जटिलताओं के चेतावनी संकेत

टाइप 2 शुगर की जटिलताओं के लक्षणों में शामिल हो सकते हैं:

  1. धीमी गति से ठीक होने वाले घाव या घाव
  2. खुजली वाली त्वचा (आमतौर पर योनि या कमर क्षेत्र के आसपास)
  3. बार-बार होने वाले यीस्ट इन्फेक्शन
  4. हाल ही में वजन बढ़ना
  5. गर्दन, बगल और कमर में मख़मली, गहरे रंग की त्वचा में बदलाव, जिसे एसेंथोसिस नाइग्रिकन्स कहा जाता है
  6. हाथ और पैर का सुन्न होना और झुनझुनी होना
  7. दृष्टि में कमी
  8. नपुंसकता या स्तंभन दोष (ED)

जानें कि आप शुगर की जटिलताओं के जोखिम को कम करने के लिए क्या कर सकते हैं।

हाइपोग्लाइसीमिया | Hypoglycemia

हाइपोग्लाइसीमिया, या लो ब्लड प्रेशर (Low blood sugar), तब होता है जब आपके रक्त में शर्करा या ग्लूकोज का स्तर शरीर को ईंधन देने के लिए बहुत कम हो जाता है। आप महसूस कर सकते हैं:

  1. अस्थिर
  2. नर्वस या चिंतित
  3. पसीना, मिर्च, या चिपचिपा
  4. कर्कश या अधीर
  5. अस्पष्ट
  6. सिर चकराना या चक्कर आना
  7. भूखा
  8. निद्रालु
  9. कमज़ोर
  10. आपके होठों, जीभ, या गालों में झुनझुनी या सुन्न होना

आप नोटिस कर सकते हैं:

  1. तेजी से दिल धड़कना
  2. पीली त्वचा
  3. धुंधली दृष्टि
  4. सिरदर्द
  5. सोते समय बुरे सपने आना या रोना
  6. समन्वय की समस्या
  7. बरामदगी (मस्तिष्क के विद्युत संकेतों में बदलाव को दौरे कहा जाता है।)

हाइपरग्लेसेमिया | Hyperglycemia

हाइपरग्लेसेमिया, या हाई ब्लड शुगर (High blood sugar) , ऊपर सूचीबद्ध डायबिटीज के कई चेतावनी संकेतों का कारण बनता है, जिनमें निम्न शामिल हैं:

  1. भारी प्यास
  2. धुंधली नज़र
  3. बहुत पेशाब करना
  4. अधिक भूख
  5. सुन्न या झुनझुनी पैर
  6. थकान
  7. आपके मूत्र में चीनी
  8. वजन घटना
  9. योनि और त्वचा में संक्रमण
  10. घाव धीरे भरना
  11. 180 मिलीग्राम प्रति डेसीलीटर से अधिक रक्त शर्करा (मिलीग्राम/डीएल)

डायबिटीज कोमा

इसका आधिकारिक नाम Hyperglycemic hyperosmolar nonketotic syndrome | हाइपरोस्मोलर हाइपरग्लाइसेमिक नॉनकेटोटिक सिंड्रोम (HHNS) है। यह गंभीर जटिलता मधुमेह कोमा का कारण बन सकती है और यहां तक ​​कि किसी भी प्रकार के मधुमेह से मृत्यु भी हो सकती है, हालांकि यह टाइप 2 में अधिक आम है। यह तब होता है जब आपका रक्त शर्करा बहुत अधिक हो जाता है और आपका शरीर गंभीर रूप से निर्जलित हो जाता है। लक्षणों में शामिल हैं:

  1. रक्त शर्करा 600 मिलीग्राम / डीएल . से अधिक
  2. सूखा, सूखा मुँह
  3. अत्यधिक प्यास
  4. गर्म, शुष्क त्वचा जिसमें पसीना नहीं आता
  5. तेज बुखार (101 एफ से अधिक)
  6. तंद्रा या भ्रम
  7. दृष्टि खोना | देखने में तकलीफ होना
  8. दु: स्वप्न (भ्रम)
  9. आपके शरीर के एक तरफ कमजोरी

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