महिलाओं में पेट के निचले भाग में दर्द | Mahilaon ke pet ke nichle bhag meni dard

महिलाओं में पेट के निचले भाग में दर्द – पेट के निचले हिस्से को पेडू या पेल्विस (Pelvic) कहा जाता है। इसमें पेट के निचले हिस्से की आंतें, मूत्राशय और अंडाशय शामिल होते हैं। पेडू के दर्द से मतलब इनमें में से किसी अंग या इनके आसपास की हड्डियों या मांसपेशियों में होने वाला दर्द है। महिलाओं में मासिक धर्म के दौरान पेडू का दर्द आम बात है।

एम्स के डॉ. केएम नाधीर के अनुसार, पेडू का दर्द किसी एक स्थान पर हो सकता है या एक से दूसरे स्थान पर जा सकता है। इसकी शुरुआत पेट और जांघ के बीच दर्द से होती है। कुछ मामले में कूल्हों के आसपास भी पेडू का दर्द महसूस किया जाता है। महिलाओं में अंडाशय की गांठ के कारण पेडू का दर्द हो सकता है।

क्या महिलाओं में पेट के निचले भाग में दर्द का कारण बनता है?


शारीरिक रचना या हार्मोंस के स्तर में किसी प्रकार की गडग़ड़ी के कारण पीसीएस की समस्या हो सकती है। यह अधिकतर 20 से 45 वर्ष की आयु वर्ग की महिलाओं को परेशान करती है। गर्भावस्था के दौरान आए हार्मोन संबंधी बदलाव के कारण होती है। इसमें महिला का वजन बढ़ जाता है और इसका प्रभाव पेल्विक क्षेत्र पर पड़ता है।

इससे नसों पर प्रभाव बढ़ता जिससे नसों की दीवार सामान्य से कमजोर हो जाती है। जिससे पेडू का दर्द बढ़ जाता है। पीसीएस का दर्द पेडू के हिस्से पर दोनों नितंबों के बीच होता है।

इन कारणों से होता है महिलाओं के पेट के निचले हिस्‍से में दर्द

ये हैं लक्षण –

  • पेट के निचले भाग में दर्द होना।
  • अधिक देर तक खड़े रहने या बैठने से दर्द का बढऩा।
  • पेट के निचले हिस्से में मरोड़ अनुभव होना।
  • पेल्विक क्षेत्र में दबाव या भारीपन महसूस होना।
  • शारीरिक संबंध बनाते समय दर्द होना।
  • मल और पेशाब त्यागते समय दर्द होना।
  • व्यायाम करते समय या लंबी सैर करते समय दर्द होना।

यह होती है वजह

हेल्थ एक्सपर्ट के अनुसार, पेट के निचले भाग में दर्द होने के कई कारण हो सकते हैं, उसमें से सबसे सामान्य कारणों में से एक है पेल्विक कंजेशन सिंड्रोम (पीसीएस). यह युवा महिलाओं में अधिक देखा जाता है. पेल्विक कंजेशन सिंड्रोम को पेल्विक वेन इनकम्पेटेंस या पेल्विक वेनस इनसफिशिएंशी भी कहते हैं।

पेट दर्द किसी को भी हो सकता है। कभी यह खराब खाने से होता है तो कभी पेट में किसी तरह के इन्‍फेक्‍शन से भी हो सकता है। पर महिलाओं के निचले हिस्‍से में होने वाला पेट दर्द सामान्‍य नहीं है।

गर्मी के मौसम में पाचन संबंधी कई तरह की समस्‍याएं हो जाती हैं। इनमें अधिकांश का संकेत पेट दर्द ही है होता है। इस मौसम में कभी गर्मी की वजह से, तो कभी कुछ गलत खा लेने से पेट में दर्द हो जाता है। पेट दर्द किसी को भी हो सकता है। कभी पेट में किसी तरह के इन्‍फेक्‍शन से भी यह हो सकता है। पर महिलाओं के निचले हिस्‍से में होने वाला

पेट दर्द सामान्‍य नहीं है।

पेट के निचले हिस्से का दर्द महिलाओं को पीरियड्स के दौरान या लंबे समय तक बैठे रहने के कारण अक्सर होता है। पेट के निचले हिस्से के दर्द को मेडिकल भाषा में पीसीएस (PCS) कहते हैं।

इसका अर्थ है पेल्विक कंजेशन सिंड्रोम। इस दर्द से परेशान हर तीन में से एक महिला होती है। जागरूक रहकर व समय पर डाक्टरी जांच करवाकर और इलाज द्वारा हम इस दर्द से छुटकारा पा सकते हैं।

अपेंडिक्स के घरेलू उपचार-


  • पेट साफ रखें, कब्ज की समस्या होने पर एलोवेरा का सेवन करने से कब्ज की समस्या जल्द खत्म हो जाएगी।
  • लाल टमाटर में सेंधा नमक और अदरक डालकर खाना खाने से पहले सेवन करें।
  • पुदीना पेट की गैस और चक्कर आने की समस्या से बचा जा सकता है।
  • सुबह उठकर सबसे पहले 2 से 3 लहसुन के टुकड़े खाएं।
  • तुलसी के 4 से 5 पत्ते रोज चबाकर खाने से अपेंडिक्स में फायदा होता है।
  • छाछ में काला नमक मिलाकर पीने से अपेंडिक्स की समस्या खत्म हो जाती है।
  • उबला हुआ दूध ठंडा करके पीने से अपेंडिक्स की समस्या कम हो जाती है।
  • पालक का सेवन करने से भी अपेंडिक्स की बीमारी से लाभ मिलता है।
  • राई का पेस्ट बनाकर दर्द वाली जगह पर लगाएं। इससे अपेंडिक्स के दर्द में आराम पहुंचता है।
  • 2 चम्मच मेथी दाना 1 ग्लास पानी में उबाल लें। इस पानी को सुबह उठते ही सेवन करना चाहिए।

क्यों खतरनाक है पेडू का दर्द

महिलाओं में पेट के निचले भाग में दर्द – बार-बार होने वाले पेडू के दर्द को हल्के में नहीं लेना चाहिए। खासतौर पर यह महिलाओं में गंभीर बीमारी का कारण हो सकता है। कई महिलाओं के अंडाशय में गांठ होती है। इसके कारण पेडू में दर्द होता है। उम्र के साथ मांसपेशियां कमजोर होने पर महिलाओं को यह दर्द होता है।