हाथ-पैरों में कमजोरी झुनझुनी का एहसास होना है किस बीमारी के लक्षण

हाथ पैरों में झनझनाहट के कारण

शरीर में होने वाली छोटी से छोटी समस्या किसी ना किसी कारण ही पैदा होती है, वैसे ही शरीर में झुनझुनी होने के पीछे कई कारण हैं। कई बार शरीर, हाथ, पैरों में झुनझुनी अंदरूनी चोट के कारण होती है तो कई बार कुछ बीमारियां भी इसका कारण होती हैं। तो चलिए जानते हैं हाथ पैरों में झनझनाहट के कारण क्या है। (numbness in hands and feet)

1. विटामिन की कमी (vitamin deficiency)

शरीर में विटामिन की कमी के कारण भी हाथ, पैरों में झनझनाहट हो सकती है। विटामिन की कमी की वजह से शरीर को काम करने के लिए उचित पोषक तत्व नहीं मिल पाते हैं जिसकी वजह से शरीर की नसें कमजोर होने लगती हैं और यह हमें झनझनाहट के रूप में महसूस होता है। खासतौर पर जब शरीर में विटामिन बी 6 की कमी हो जाती है तो हाथ, पैर व पूरी बॉडी सुन्न पड़ने लग जाती है।

2. नसों में दबाव

हाथ पैर में झुनझुनी आना नसों में दबाव की वजह से भी हो सकता है, कई बार गलत तरीके से उठने-बैठने की वजह से कमर और गर्दन की नस दब जाती है जिसकी वजह से पैरों में झनझनाहट होती है, साथ ही गर्दन वह शरीर सुन्न पड़ने लग जाता है। इसके अलावा जब रीढ़ की हड्डी खराब होने लगती है तो उसके आसपास की नसों पर दबाव बनने लगता है जिसकी वजह से व्यक्ति में सर्वाइकल शुरू हो जाता है और सर्वाइकल की वजह से ही पूरे शरीर में झुनझुनी महसूस होती है।

3. एक ही अवस्था में बैठना

कभी-कभार हाथ पैरों में झुनझुनी आना आम हो सकता है। हाथ पैरों में झुनझुनी की ज्यादातर शिकायत एक ही अवस्था में बैठे रहने की वजह से आती है। जब हम कहीं सुविधाजनक तरीके से नहीं बैठते हैं और उसी अवस्था में ज्यादा देर तक बैठना पड़ जाए तो इससे हाथ, पैरों में झनझनाहट पैदा होने लगती है यह भी पैरों में झनझनाहट होने का कारण है। अक्सर लोग इसे किसी बीमारी से जोड़ने लगते हैं लेकिन ऐसा नहीं है अगर आपको यह समस्या दिन में 4 या 5 बार होती है या आपको ऐसा लगता है कि आपके हाथ, पैर व शरीर बार-बार सुन्न पड़ रहा है तो इस स्थिति में बिना देरी के जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क करें।

4. रक्त संचार

शरीर में रक्त संचार की कमी हो जाने की वजह से भी हाथ, पैरों में झुनझुनी पैदा होती है। जब शरीर में रक्त संचार नहीं होता है या रुकावट पैदा होती है तो यह नसों पर बुरा असर डालता है जिससे शरीर के कई अंगों में ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाता और बॉडी सुन्न पड़ने लग जाती है।

5. टाइपिंग

जिन लोगों का टाइपिंग से जुड़ा काम होता है उनके भी हाथ, पैरों में झुनझुनी पैदा होती है। लगातार एक ही स्थिति में बैठकर उंगलियों से टाइप करने की वजह से नसों में खिंचाव पैदा होता है और यह झुनझुनी के रूप में महसूस होता है।

हाथ-पैरों में कमजोरी झुनझुनी होने का उपचार

यदि आपके भी हाथ-पैरों में कमजोरी झुनझुनी होती है तो आप निम्न उपाय कर सकतें हैं –

  • तंत्रिका संपीड़न और पुटी को हटाने का सुझाव दे सकता है।
  • मधुमेह को नियंत्रित करने के लिए उपचार करना चाहिए ताकि झुनझुनी की समस्या न हो।
  • विटामिन की कमी को पूरा करने के लिए आहार में सप्लीमेंट्स लेने चाहिए।
  • संक्रमण होने पर पहले उनका इलाज किया जाना चाहिए।
  • दवा लेने से हाथों और पैरों में झुनझुनी होती है। तो डॉक्टर दवा बदल सकते हैं।
  • शरीर की उचित देखभाल के लिए रोजाना व्यायाम करना चाहिए। इसके अलावा शराब का सेवन नहीं करना चाहिए।
Disclaimer : सलाह यह लेख केवल सामान्य जानकारी प्रदान करता है। यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या डॉक्टर से सलाह लें। Hindimai.in इस जानकारी की जिम्मेदारी नहीं लेता है।

Conclusion

मैं उम्मीद करता हूँ कि अब आप लोगों को हाथ-पैरों में कमजोरी झुनझुनी का एहसास होना है किस बीमारी के लक्षण हैं? से जुड़ी सभी जानकरियों के बारें में भी पता चल गया होगा। यह लेख आप लोगों को कैसा लगा हमें कमेंट्स बॉक्स में कमेंट्स लिखकर जरूर बतायें। साथ ही इस लेख को दूसरों के जरूर share करें, ताकि सबको इसके बारे में पता चल सके। धन्यवाद!